International Tea Day : चाय उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान

चाय के दीवाने पूरी दुनिया में हैं। लेकिन भारत में चाय के प्रति प्रेम कुछ ज्यादा ही है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि चाय भारत का राष्ट्रीय पेय है। इतना ही नहीं, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश भी है।एक सर्वेक्षण के अनुसार भारत विश्व में चाय का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। सर्वे के मुताबिक चाय का कारोबार सालाना करीब तेरह हजार करोड़ रुपए का था। आज टी डे के मौके पर

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Published on: 15 Dec 2022 3:48 PM IST
International Tea Day : चाय उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान
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चाय के दीवाने पूरी दुनिया में हैं। लेकिन भारत में चाय के प्रति प्रेम कुछ ज्यादा ही है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि चाय भारत का राष्ट्रीय पेय है। इतना ही नहीं, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश भी है।
एक सर्वेक्षण के अनुसार भारत विश्व में चाय का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। सर्वे के मुताबिक चाय का कारोबार सालाना करीब तेरह हजार करोड़ रुपए का था। आज टी डे के मौके पर आइए जानते हैं कैसे बनाया जाता है टी पाउडर।
चाय उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है
टी पाउडर ‘कैमेलिया साइनेंसिस’ झाड़ी की पत्तियों से बनाया जाता है। चाय की खेती न्यूनतम 100 से 125 सेमी वर्षा वाले क्षेत्रों में की जाती है। चाय मुख्य रूप से दक्षिण चीन और दक्षिण पूर्व एशिया में उगाई जाती है। भारत में असम, दार्जिलिंग, नीलगिरी, देहरादून, मणिपुर, तराई, त्रावणकोर, आदि में चाय के बागान हैं। चाय उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है।
दुनिया के लगभग सभी चाय बागान 1500 मीटर की ऊंचाई पर पहाड़ी ढलानों पर स्थित हैं। लगभग तीन फीट की दूरी पर लगाए गए चाय की झाड़ियाँ तीन फीट तक बढ़ सकती हैं। फिर उसका ऊपरी हिस्सा टूट जाता है। हर बीस साल पुराने पेड़ों को हटा दिया जाता है और तीन साल तक भूमि को परती रखने के बाद नए पेड़ लगाए जाते हैं। इस नए पौधे को बनने में कम से कम पांच साल का समय लगता है।
चाय के पेड़ की नई पत्तियों को तोड़ने का काम ज्यादातर चाय बागानों में महिलाओं द्वारा किया जाता है। पत्तियों को काटने के बाद उन्हें कारखाने में लाया जाता है। और वहां पर इस पर तरह-तरह की प्रक्रियाएं की जाती हैं।
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